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गुरुवार, 22 अक्तूबर 2015

कटु सत्य
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रावण का अहंकार
और
असत्य
दम तोड़ देता है
उसके मरने के साथ

अहंकार और असत्य
पैदा होने के साथ
व्यक्ति
रावण बन जाता है
और
उसका पतन
निश्चित हो जाता है
जीवित रह कर भी वह
मुर्दा हो जाता है !

@ दिनेश ठक्कर बापा
(चित्र गूगल से साभार)
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