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बुधवार, 17 दिसंबर 2014

इंसानियत की मौत

इंसानियत की मौत को देख कर
आतंक मुस्कुरा रहा है
अपना वजूद ख़त्म होता देख
अमन चैन आंसू बहा रहा है
@ दिनेश ठक्कर "बापा"
(सांकेतिक चित्र : गूगल से साभार)    
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