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शुक्रवार, 8 नवंबर 2013

केंद्र में हमारी सरकार बनी तो देश के हालात बदल देंगे - राजनाथ

देश में 55 वर्षों तक कांग्रेस ने केंद्र में सरकार चलाई, फिर भी वह आज तक महंगाई कम नहीं कर सकी। देश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और घोटाले लगातार तेजी से बढ़े हैं। नेहरू परिवार द्वारा देश में लंबे समय तक हुकुमत करने के बावजूद अब तक गरीबी दूर नहीं हो सकी है। दुनिया के एक तिहाई गरीब इसी देश में हैं। आज बेरोजगार रोजगार की तलाश में दर-दर ठोकरें खा रहे हैं। अगर हमें इस बार केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिलेगा तो हम देश के हालात बदल देंगे। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुरूवार को छत्तीसगढ़ के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भाड़ी में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही।
बिलासपुर से 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भाड़ी में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में सोनिया और राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद से लगभग 55 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस की सरकार ने देश को क्या दिया ? जो काम कांग्रेस की सरकारों ने बीते वर्षों में नहीं किया, उससे भी अधिक काम छत्तीसगढ़ की रमन सरकार ने 10 साल में कर दिखाया है। जब रमन सिंह 10 वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल सकते हैं, तो नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया गांधी ने आखिर इतने वर्षों में देश की तस्वीर क्यों नहीं बदली। राहुल गांधी दौरे पर जब जाते हैं, तो प्रायोजित मीडिया के जरिए लुभावनी तस्वीरें खिंचवाकर जनता को गुमराह करते हैं। लंबे समय तक यदि राजनीति करना हो, तो लोगों की आंखों में धूल झोंककर नहीं, लोगों का दिल जीतकर राजनीति की जाती है। राहुल गांधी आज के नौजवानों को गुमराह कर रहे हैं। सोनिया गांधी भी यही कार्य कर रही है। इनके परिवार ने देश की जनता को धोखा दिया है। जनता को छला है। जिस दिन भारत कांंग्रेस मुक्त होगा, तब देश बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार से भी मुक्त हो जाएगा। देश में संसाधनों और श्रम शक्ति की कमी नहीं है, बल्कि इसका सही सदुपयोग होना चाहिए। देश में महंगाई, घोटाले, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी हद से अधिक बढ़ चुके हैं और इसकी जिम्मेदार सिर्फ कांग्रेस है। अगर केंद्र और राज्य में हमारी सरकार आई तो आगामी पंद्रह बरसों के भीतर देश से गरीबी और बेरोजगारी का नामोनिशान मिटा देंगे।
श्री सिंह ने मनमोहन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने सौ दिन के भीतर महंगाई कम करने का वादा किया था, लेकिन हजार दिन बीत जाने के बावजूद महंगाई नहीं थमी है। केंद्र सरकार महंगाई घटाने में विफल रही है, जबकि अटल बिहारी की सरकार के दौरान छह वर्षों तक महंगाई को बढऩे से रोका गया था। अटलजी के कार्यकाल के दौरान अमेरिका जाने वाले भारतीय नागरिकों को सम्मान की नजरों से देखा जाता था, जबकि आज मनमोहन सरकार के वक्त देश के नागरिकों को अमेरिका में बेहद गरीब माना जाता है। मनमोहन सिंह आज हाथ फैलाकर विदेशी निवेश की बात करते हैं, दरअसल वे देश को विदेशी पूंजीपतियों के हवाले करना चाहते हैं।
 राजनाथ सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की तारीफ में कसीदे गढ़ते हुए कहा कि रमन सरकार ने 10 वर्षों में जो काम किया है, वह हिन्दुस्तान के किसी दूसरे राज्य में देखने को नहीं मिला है। 2003 से 2013 तक यदि हमने जनता के भलाई के लिए काम किया है, तो इस चुनाव में भाजपा को वोट दीजिएगा। वैसे भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में हर वादे को निभाया है। अगर हमने अपनी सत्ता के दौरान जनता को धोखा किया है, आंखों में धूल झोंकी है, तो मेरे पते पर दिल्ली में एक चिट्ठी लिखकर भेज दीजिए। कभी भी हमने गलत बात कही हो तो इसके लिए हम क्षमा चाहते हैं। 2003 के चुनाव के बाद हमने 1 और 2 रूपए किलो चावल देने की योजना शुरू की थी। हमने चुनाव में इसका वादा भी नहीं किया था, लेकिन योजना शुरू की, जिसकी तारीफ देश भर ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हुई है। छत्तीसगढ़ में रमन सरकार ने हर माह गरीबों को 35 किलो चावल देने का जो कानून लागू किया है, वह किसी भी राज्य में नहीं है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 10 साल पहले प्रदेश में किसानों से धान की खरीदी भी ठीक ढंग से नहीं होती थी और न ही इसकी उचित कीमत उन्हें मिलती थी। वर्तमान में हर क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र भी बढ़े हैं। किसानों को धान की कीमत के अलावा 270 रूपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है, जो किसी दूसरे राज्य में नहीं दिया जाता है। एक माह बाद जब भाजपा सरकार तीसरी बार सत्ता में आएगी तो किसानों को धान का बोनस 300 रूपए प्रति क्विंटल दिया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के तहत् दी जा रही पेंशन भी दोगुनी की जाएगी।
कांग्रेस की सरकार मीडिया के सर्वे से विचलित
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आमसभा के बाद मंच के पास पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की सरकार मीडिया द्वारा कराए जा रहे सर्वेक्षण से विचलित हो गई है और उस पर रोक लगाने के उपाय कर रही है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात है। मीडिया देश का चौथा स्तंभ है। इस तरह के सर्वे पर रोक नहीं लगनी चाहिए। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष करूणा शुक्ला द्वारा पार्टी छोडऩे और बगावत किए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि करूणा शुक्ला का इस्तीफा हमें मिल गया है और उसे हमने स्वीकार भी कर लिया है। जहां तक बगावत किए जाने का सवाल है तो इससे पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा से बगावत करने वाले बागी प्रत्याशियों के पक्ष में करूणा शुक्ला द्वारा प्रचार-प्रसार किए जाने से भी भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। भाजपा के प्रति करूणा शुक्ला द्वारा दिए गए विरोधी बयानों का कोई आधार नहीं है। वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
बिना अनुमति के वाहनों से रोजी पर लाया गया ग्रामीणों को
राजनाथ सिंह की आमसभा में भीड़ जुटाने के लिए लगभग 40 वाहनों को लगाया गया था। यही नहीं बल्कि आसपास के गांवों से रोजी पर ग्रामीणों को एकत्रित कर उन्हें वाहनों से आमसभा स्थल तक लाया गया था। ट्रेक्टर, मेटाडोर और अन्य वाहनों को सभास्थल के पास बड़ी संख्या में देखा गया, जबकि चुनाव आयोग द्वारा इस तरह किसी को भी लाए जाने पर रोक लगाई गई है। वहीं  दूसरी ओर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को प्रलोभन देने के लिए सभास्थल के आसपास चाय-नाश्ते के ठेले भी लगवाए गए थे। वहां ग्रामीणों को मुफ्त चाय-नाश्ता कराने की व्यवस्था की गई थी।
हैलीकाप्टर उतरा तो मची भगदड़
सभास्थल के बिलकुल निकट हैलीपैड बनाया गया था। सभा से पहले काफी तादाद में ग्रामीण हैलीकाप्टर देखने के लिए इकट्ठे हुए थे। जब राजनाथ सिंह का हैलीकाप्टर हैलीपैड पर उतरा तो आंधी-तूफान की तरह धूल इस कदर उड़ी कि मौके पर ग्रामीणों की भगदड़ मच गई। हैलीपैड के आसपास पुलिस प्रशासन की व्यवस्था लचर दिखाई दी। ऐसे में कोई हादसा भी हो सकता था, क्योंकि हैलीपैड मंच से ज्यादा दूर नहीं था और लैंडिंग के वक्त ऐसी स्थिति निर्मित हो गई थी। आंखों में धूल पडऩे से ग्रामीण काफी देर तक परेशान होकर आंखों को मलते रहे और भाजपाईयों को कोसते रहे।

-दिनेश ठक्कर "बापा"
  (चित्र : साभार रतन जैसवानी)


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