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शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

मतदान के आंकड़ों से लगाये जा रहे जीत हार के कयास



बिलासपुर जिले के सात विधान सभा क्षेत्रों में हुए मतदान के अंतिम आकड़ें आने के बाद उम्मीदवारों, उनके समर्थकों और चुनाव विश्लेषकों द्वारा जीत हार के कयास लगाने शुरू हो गए हैं। अपने अपने क्षेत्र का मतदान प्रतिशत और बूथवार रूझान देख कर जीत हार का गुणा भाग लगाने की कवायद हो रही है। जिले में सर्वाधिक 83.66 फीसदी मतदान मरवाही सीट में होने पर कांग्रेस प्रत्याशी अमित जोगी रिकार्ड मतों से जीत का दावा कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर विधान सभा क्षेत्र में अप्रत्याशित रूप से सबसे कम 60.44 प्रतिशत मतदान होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल ने चौथी बार भी जीतने का भरोसा जताया है।  
छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनाव के लिए मंगलवार को हुए मतदान के अंतिम आंकड़ें जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी किये जाने के बाद प्रत्याशियों, समर्थकों और चुनाव विश्लेषकों ने जीत हार का कयास लगाना शुरू कर दिया है। पिछले विधान सभा चुनाव के मुकाबले इस बार जिले में 6.08 प्रतिशत मतदान अधिक हुआ है। जिले के सात विधान सभा क्षेत्रों में इस दफे कुल 73.76 फीसदी मतदान होने पर सियासी कयासों और चुनावी नतीजों के आंकलन का दौर प्रारम्भ हो गया है। सबसे अधिक 83.66 प्रतिशत मतदान मरवाही में हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अपनी चर्चित मरवाही सीट से इस बार अपने पुत्र अमित जोगी का राजनैतिक भविष्य संवारने बतौर कांग्रेस प्रत्याशी उसे चुनाव लड़वाया है। जिले में सबसे कम 60.44 प्रतिशत मतदान बिलासपुर विधान सभा क्षेत्र में दर्ज किया गया है। यह सीट भी नगरीय प्रशासन मंत्री और नगर भाजपा विधायक अमर अग्रवाल और कांग्रेसी महापौर वाणी राव के कारण सुर्ख़ियों में है। अधिक मतदान के मामले में दूसरे क्रम में कोटा सीट रही, जहाँ 77.20 फीसदी मतदान हुआ। यहाँ से अजीत जोगी की पत्नी और विधायक डा. रेणु जोगी के फिर चुनाव लड़ने से यह सीट हाई प्रोफाइल बन चुकी है। तखतपुर में 77.06, विधान सभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक की बिल्हा सीट में 76.58, मस्तूरी में 74.73 और बेलतरा सीट में 69.37 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले इस बार महिलाओं ने पुरूषों की अपेक्षा मतदान करने में दिलचस्पी ज्यादा दिखाई है। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 73.80 और पुरूषो का मतदान प्रतिशत 73.71 रहा।
जिले में मतदान का प्रतिशत बढ़ने पर कांग्रेस की बांछे खिली हुई है। इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरूण तिवारी का कहना है कि भीड़ जुटने, जुलूस निकलने का मतलब विरोध होता है। इस बार राज्य की भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा विधायक के खिलाफ विरोध जताने, वोट डालने मतदाताओं की भीड़ उमड़ पडी थी। जहाँ तक महिलाओं के अधिक मतदान प्रतिशत की बात है तो यह झलियामार समेत समूचे राज्य में महिलाओं के प्रति हुए शोषण, अत्याचार की घटनाओं का बदला है। ज्यादा मतदान कर महिलाओं ने रमन सरकार और उनके नुमाइंदों के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया है। तो वहीं जिला भाजपा अध्यक्ष राजा पांडे का मानना है कि अधिक मतदान होना जिले समेत समूचे राज्य में भाजपा सरकार की लोकप्रियता और विकास कार्यों का ही नतीजा है। जबकि बिलासपुर में कम मतदान को लेकर उनका दावा है कि इससे कांग्रेस को ही नुकसान होगा। भाजपा की जीत सुनिश्चित है। 
जिले के सात विधान सभा क्षेत्रों में तुलनात्मक रूप से सबसे कम 60.44 फीसदी मतदान बिलासपुर विधान सभा क्षेत्र में होना प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल और कांग्रेस प्रत्याशी वाणी राव के लिए चिंता का सबब बन गया है। गौरतलब है कि बिलासपुर में वर्ष 2003 में 62.40 प्रतिशत और 2008 के विधान सभा चुनाव में 61.17 फीसदी मतदान हुआ था। पिछले दो विधान सभा चुनाव के मुकाबले इस बार बिलासपुर जैसी हाई प्रोफाइल सीट में मतदान का प्रतिशत लगातार घटना चुनाव विश्लेषकों की नजर में जीत की लीड कम होने और अप्रत्याशित चुनावी नतीजे आने का स्पष्ट संकेत है। हालांकि मौजूदा विधायक और भाजपा उम्मीदवार अमर अग्रवाल को चौथी दफे भी जीत की उम्मीद है। शहर के बढ़ते विकास के नाम पर वे जीत के प्रति आश्वस्त हैं। जबकि महापौर और निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी राव बदलाव के बयार की बात कह रही हैं। वे चुनावी इतिहास रचने का दावा कर रही हैं। उनके मुताबिक शहर की बदहाली और नागरिकों को सीवरेज से हुई परेशानियां ही अमर अग्रवाल की हार का कारण बनेंगी।        
अमित जोगी ने रिकार्ड मतों से जीतने का किया दावा
जिले के मरवाही विधान सभा क्षेत्र जैसे पिछड़े और सीमावर्ती इलाके में इस बार सर्वाधिक 83.66 मतदान होने को लेकर राजनैतिक चर्चाएं सरगर्म हैं। यहाँ कुल मतदाता 168269 है। यहाँ मतदान करने के मामले में पुरूष आगे रहे। पुरूष मतदान 83.73 और महिला मतदान प्रतिशत 83.59 रहा। यह सीट छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की रही है। पेंड्रा रोड के समीप स्थित ग्राम जोगीसार में जन्में अजीत जोगी का गहरा जनाधार इस इलाके में तो है ही, साथ ही समूचे बिलासपुर जिले को वे अपनी कर्म भूमि मानते है। अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित मरवाही सीट से तीन बार विधायक रहे अजीत जोगी ने यहाँ से सर्वाधिक मतों से जीतने का रिकार्ड भी बनाया था। अपनी इसी सियासी भूमि पर इस बार उन्होंने अपने पुत्र अमित जोगी को कांग्रेस के युवा योद्धा बतौर उतारा ताकि वह भी अपना पोलिटिकल कैरियर बना सके। यहाँ अजीत जोगी के समर्थकों की पूरी फ़ौज अमित के प्रचार में जुटी थी। अजीत जोगी ने यहाँ ज्यादा वक्त भी नहीं दिया था। उन्होंने मरवाही क्षेत्र में अमित को अपनी स्वतन्त्र छवि और राजनैतिक अस्तित्व बनाने के मद्देनजर अकेला छोड़ दिया था। इस बार हुए सबसे ज्यादा मतदान को लेकर खुद अमित जोगी भी अपने पिता की तरह बेहद उत्साहित और प्रसन्न हैं। मतदान के अंतिम आंकड़े आने के बाद अमित ने दावा किया कि उन्हें चुनाव के दौरान क्षेत्र के सभी वर्गों से भरपूर सहयोग, स्नेह और आशीर्वाद मिला। वे भी अपने पापा की तरह रिकार्ड मतों से जीतेंगे। वे आगे भी पापा की तरह क्षेत्र के लोगों की सेवा कमिया बन कर करते रहेंगे। भाजपा प्रत्याशी समीरा पैकरा को क्षेत्र की जनता नकार चुकी है। आठ दिसंबर को आने वाले चुनाव नतीजों से यह बात स्पष्ट भी हो जायेगी।   

-दिनेश ठक्कर "बापा"     .                  
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