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सोमवार, 4 नवंबर 2013

जोगी ने जारी किया कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र


छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश चुनाव अभियान समिति के संयोजक अजीत जोगी ने सोमवार को दोपहर बारह बजे बिलासपुर के कांग्रेस भवन में चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने इस घोषणा पत्र के माध्यम से ढाई करोड़ छत्तीसगढ़िया लोगों की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करने का प्रण लिया है। इसमें सभी वर्गों को लुभाने की कोशिश की गई है, जबकि किसानो के हितों पर खास फोकस किया गया है।.
छत्तीसगढ़ में 11 नवम्बर (18 विधानसभा क्षेत्र) और 19 नवम्बर (72 विधानसभा क्षेत्र) को होने वाले तीसरे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को अजीत जोगी ने चुनाव घोषणा पत्र जारी करते हुए बताया कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों से दो हजार रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जायेगी। इस खरीदी मूल्य में से पांच सौ रूपये प्रति क्विंटल का भुगतान सीधे किसान परिवार के महिला सदस्य के नाम पर किया जायेगा। खाद कंपनी से सीधे सोसायटी गोदाम तक खाद पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा पांच एचपी तक के  विद्युत पम्पों को मुफ्त बिजली दी जायेगी। सिंचाई हेतु नए पम्प कनेक्शन के लिए ट्रांसफार्मर शासन लगाएगा। इंदिरा गाँव गंगा योजना को फिर शुरू किया जायेगा। लघु औए सीमान्त सीमान्त किसानों के समस्त जल कर बकाये और सभी अल्पकालीन कृषि कर्ज को माफ़ किया जायेगा। उन्हें शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज दिया जायेगा। गन्ने के बोनस और परिवहन दर में वृद्धि, दस हजार एकड़ के किसान तैयार हो तो शक्कर कारखाना स्थापित किया जाएगा। कृषि और बागवानी आधारित उद्योगों, पुष्प और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा, भूमिहींन कृषकों का एक लाख रूपये का एकमुश्त जीवन बीमा, बिजली की बढ़ी हुई दरों में उचित कमी, कृषि, घरेलू बिजली, लघु व्यवसाय हेतु बिजली की विशेष राहत दी जायेगी। नगरीय क्षेत्रो में जल कर और समेकित कर को प्रचलित दर से आधा किया जायेगा। संपत्ति कर  पूर्ववत कम दर पर लिया जायेगा। भागीरथी नल जल योजना को कनेक्शन शुल्क से मुक्त किया जायेगा। खुले भूखंड पर टैक्स नहीं लगेगा। स्टाम्प ड्यूटी का युक्तियुक्तकरण कर छोटे जमीन सौदों को राहत दी जायेगी। पसरा टैक्स की समाप्ति होगी। राज्य में एक दशक के दौरान हुए सभी तरह के भूअर्जन और भूमि हड़पने के सन्बन्ध में जांच आयोग का गठन किया जायेगा।
जोगी ने यह भी जानकारी दी कि राज्य के सभी एपीएल और बीपीएल परिवारों को (आयकर दाता को छोड़कर) 35 किलो चावल प्रति माह मुफ्त दिया जायेगा. बेरोजगारी भत्ते की दर में वृद्धि, विकलांगता पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में राज्यांश दोगुना, असंगठित श्रमिकों का बीमा दोगुना किया जायेगा। लड़कियों को सभी तरह के गैर तकनीकी और व्यवसायिक उच्च शिक्षा में मदद के अलावा शिक्षण शुल्क सीधे कालेज के खाते में जमा कराया जाएगा।  सरकारी सेवा की प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले आवेदकों से लिया जाने वाला शुल्क ख़त्म किया जायेगा। व्यापम के जरिये होने सभी परीक्षा फार्म के भारी शुल्क को भी समाप्त किया जायेगा। राज्य में सभी विभागों के खाली पदों को भरने भर्ती अभियान चला कर  बैकलॉग ख़त्म किया जायेगा। कलाकारों को नई राजधानी में रियायती दरों पर आवासीय भूखंड दिए जायेंगे। अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 12 से बढाकर 16 प्रतिशत किया जाएगा। उनके जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के नियमों का सरलीकरण किया जायेगा। उनके आर्थिक उत्थान के लिए विशेष वित्तीय योजना लागू होगी। अनूसूचित जनजाति के लोगों से वनोत्पादों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की योजना बनेगी। वन अधिकार क़ानून के तहत वन भूमि में काबिज लोगों को पट्टा दिलाने सभी प्रकरणों का जल्द निपटारा किया जायेगा। नक्सल हिंसा या उसके प्रतिवाद में हुई हिंसा से प्रभावित लोगो के पुनर्वास और पुनर्स्थापन की विशेष योजना बनाई जायेगी। गोंड़ी और अन्य आदिवासी बोली तथा भाषाओँ के संरक्षण के लिए अकादमी की स्थापना होगी। बस्तर बटालियन की स्थापना होगी। अनूसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के भी जाति प्रमाण पत्र प्रदान नियमो का सरलीकरण होगा। पिछड़ा वर्ग के विकास की योजना बनेगी। हर जिले में पिछड़ा वर्ग के लिए छात्रावास बनाये जायेंगे।
जोगी के मुताबिक नक्सल समस्या के निदान के लिए भी कुछ योजनाये बनाई जायेगी। विश्वास बहाली पर आधारित नीति बनेगी। वहाँ योजनाये बनाते समय ग्राम सभाओं की राय ली जायेगी। मुख्य धारा में आने वाले नक्सलियों के साथ सहानुभूति व्यवहार होगा। नक्सली क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और सुरक्षा बालों को जोखिम भत्ता दिया जायेगा। नक्सली हिंसा में दिवंगत कोटवार के उत्तराधिकारियों को तीन लाख की अनुग्रह राशि और स्थाई अपंगता पर दो लाख रूपये दिए जायेंगे। झीरम घाटी को शहीद स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
घोषणा पत्र के अन्य प्रमुख वादों का जिक्र करते हुए जोगी ने बताया कि पहुँचविहीन और दूरस्थ आदिवासी अंचलों से आपातकाल में मरीजों को शिफ्ट करने सरकारी एयर एम्बुलेंस की सुविधा दी जायेगी जो कि एम्बुलेंस 108 की तर्ज पर ही कार्य करेगी। इसके लिए बस्तर और सरगुजा में बेस कैम्प बनाये जायेंगे। वहीं दूसरी तरफ हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जानमाल के नुक्सान के मुआवजे की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा। जनहानि पर पांच लाख रूपये और फसल तथा मकान के वास्तविक नुकसान का आंकलन कर पूरा मुआवजा दिया जायेगा। रमन सरकार से नाराज चल रहे शिक्षा कर्मियों को समान काम समान वेतन देने की अवधारणा है। प्रबंधक लघु वनोपज संघ के प्रबंधकों, ग्राम पटेलों और कोटवारों का मानदेय दो गुना किया जाएगा। दिल्ली में एक छत्तीसगढ़ सहायता केंद्र की स्थापना की जायेगी जहाँ एक टोल फ्री नंबर के जरिये राज्य के नागरिकों को मार्गदर्शन और मदद मुहैया कराई जायेगी। राज्य के सतत और स्थाई विकास के लिए पर्यावरण हितैषी दीर्घकालीन योजना लागू की जायेगी।
घोषणा पत्र में राज्य के विकास संबंधी वादों के बारे में जोगी ने कहा कि बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा, अम्बिकापुर जैसे शहरों में  राज्यस्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थान स्थापित किये जायेंगे। साथ ही बिलासपुर, जगदलपुर,अंबिकापुर और कोरबा हवाई पट्टी के विकास के लिए आवश्यक पहल की जायेगी। राज्य की रेल कॉरीडोर योजना में गैर खनिज धारित क्षेत्रों में भी रेल लाइन बिछाई जायेगी। जोगी ने यह भी कहा कि भाजपा ने अभी तक अपना चुनाव घोषणा पत्र इसलिए जारी नहीं किया है क्योंकि वह हमारे पहले जारी किये गए घोषणा पत्र की नक़ल करना चाहती है।    

-दिनेश ठक्कर "बापा"                     
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