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शुक्रवार, 30 नवंबर 2012

सोशल साइट्स पर "जला सो अल्लाह"

मेरी पहली प्रकाशित किताब "जला सो अल्लाह" (संत जलाराम बापा की जीवन-कथा) को देश-विदेश में सुधि पाठकों द्वारा सराहे जाने पर आप सभी का ह्रदय से आभारी हूँ। इस किताब को मैंने निःशुल्क सोशल साइट्स पर भी उपलब्ध कराया है। इसके सभी चालीस अध्याय फेसबुक के अलावा ट्वीटर, गूगल प्लस, गूगल रीडर और मेरे ब्लॉग "बापा की बगिया" (दिनेश ठक्कर बापा डॉट ब्लॉग स्पॉट डॉट कॉम) के जरिये भी पढ़े जा सकते हैं। ब्लॉग "बापा की बगिया" में इस किताब को अब तक देश विदेश के ढाई हजार से ज्यादा लोगों ने इसे पढ़ा है।       
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