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सोमवार, 20 फ़रवरी 2012

ताला में रूद्र शिव की प्रतिमा के संग

रूद्र शिव की यह अद्वितीय उर्धरेतन प्रस्तर प्रतिमा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से तीस किलोमीटर दूर स्थित ताला गाँव के देवरानी मंदिर के मुख्य द्वार के समीप  वर्ष १९८८ में जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थी. करीब १५०० वर्ष पुरानी यह प्रतिमा ९ फुट ऊंची है.  शिव के रौद्र रूप को दर्शाने वाली यह प्रतिमा विलक्षण और द्वैत व्यंजना से परिपूर्ण है, जो विश्व मूर्तिकला के इतिहास में भी अनूठी है. फर्शी पत्थर से निर्मित इस प्रतिमा के अंग-प्रत्यंग जलचर, नभचर और थलचर प्राणियों जैसे बने हैं. इस प्रतिमा में गुप्तकालीन शिल्प कला का प्रभाव ज्यादा प्रतीत होता है. फरवरी, १९८८ में प्रतिमा का अवलोकन करते हुए मेरे साथ वरिष्ठ पत्रकार मित्र प्राण चड्डा, नथमल शर्मा और सीतेश द्विवेदी.                                  
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